जो लोग सातवे वेतन के इंतज़ार में बैठे थे उनके लिए पिछले साल कुछ खास नही रहा. हालांकि अभी भी कुछ खुशखबरी है क्योंकि केंद्र सरकार मूल वेतन में बढ़ोतरी देने के लिए तैयार है और केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए लंबित सभी बकाया राशि को भी दे सकती है.

यह BSF, CISF, ITBP, SSB, भारतीय रेलवे कर्मचारियों, ITS और उन लोगों के लिए लागू होगी है जो BSNL की प्रतिनियुक्ति पर हैं. यह कदम बीएसएनएल कर्मचारियों के वेतन वृद्धि और पदोन्नति और पेंशन संशोधन की मांग के विरोध में तीसरे वेतन आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार आया है. यह उनके अनुसार हर 10 साल में लागू होता है. उनकी मांगों को अगले बजट सत्र में ही संबोधित किए जाने की संभावना है.

दूसरी ओर कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई थी, जो प्रोत्साहन में पांच गुना वृद्धि की बात करती है. प्रोत्साहन निम्नलिखित पर लागू होगा:

  • पीएचडी या समकक्ष: 30,000 रुपये
  • पीजी डिग्री/डिप्लोमा एक वर्ष से अधिक की अवधि या समकक्ष: 25,000 रुपये
  • एक वर्ष से कम अवधि के डिप्लोमा या समकक्ष/पीजी डिग्री: 20,000 रुपये
  • डिग्री/डिप्लोमा 3 साल से अधिक की अवधि या समकक्ष: 15,000 रुपये
  • डिग्री/3 वर्ष से कम की अवधि के डिप्लोमा या समकक्ष: 10,000 रुपये

उदासी और दुख के बीच, यह खबर लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए कुछ राहत के रूप में आती है. सातवें वेतन आयोग ने मूल न्यूनतम वेतन में 18,000 रुपये की बढ़ोतरी की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्रीय सरकारी कर्मचारी 26,000 रुपये की मांग कर रहे हैं.

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